टिड्डों से बचने के लिए फसलों पर इस नुस्खा का उपयोग करें

Use this recipe on crops to avoid locusts

क्रॉपलाइफ इंडिया, कृषि के क्षेत्र में अनुसंधान में लगी कंपनियों के एक संघ ने फसलों पर नीम का तेल छिड़कने और फसलों को टिड्डी के संक्रमण से बचाने के लिए खेतो में जोर से शोर करने की सिफारिश की है।

संगठन ने गुरुवार को किसानों और रासायनिक छिड़काव एजेंसियों को सलाह जारी करते हुए कहा कि किसानों को रेडियो, टेलीविजन, मोबाइल आदि से प्राप्त सूचनाओं पर ध्यान देना चाहिए ताकि वे अपने क्षेत्र में टिड्डियों के आगमन का समय टाइम से पहले जान सकें। और पहले से ही सावधान रह सके

यदि आस-पास के क्षेत्र में टिड्डे के संक्रमण का पता चला है, तो किसानों को फसल की सुरक्षा के लिए प्रति लीटर पानी में पांच मिलीलीटर नीम का तेल छिड़कना चाहिए। संगठन ने कहा कि टिड्डियों को खदेड़ने के लिए क्षेत्र में भारी शोर-शराबा होना चाहिए। वाहनों, घंटियों या प्लेटों पर टिड्डियों का पीछा किया जा सकता है।

क्रोप्लाइफ ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित रसायनों का उपयोग किया जाना चाहिए। इन रसायनों का छिड़काव इस तरह किया जाना चाहिए कि नदी, तालाब आदि का पानी दूषित न हो और पानी बरतने के लायक रहे।

If a locust infection is detected in the surrounding area, farmers should sprinkle five ml of neem oil per liter of water to protect the crop. The organization said that there should be a lot of noise in the area to repel the locusts. Locusts may be chased on vehicles, bells, or plates.